बवासीर रोग लक्षण परहेज और अचूक दवा Piles treatment at home in hindi

piles treatment at home in hindi
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Piles treatment at home in hindi : बवासीर यानि piles को अर्श रोग भी कहते है. यह रोग मुख्यतः युवावस्था में होता है. बवासीर रोग दो प्रकार का होता है. एक जिसमे मल द्वार के अन्दर मस्से होते है और दुसरे में मस्से मल द्वार के बाहर होते है. यह रोग अत्यंत कष्टकारी होता है. इस रोग में कभी कभी मल त्याग करते समय खून भी आ जाता है जिसे खुनी बवासीर कहते है. खूनी बवासीर अंदरूनी मस्सों के कारण होता है.  इस Piles treatment at home in hindi में आप bawasir रोग के कारण, लक्षण, आहार, परहेज , बवासीर का घरेलु इलाज, बवासीर का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट और बाबा रामदेव की मेडिसिन की भी पूरी जानकारी पायेंगे. 

बवासीर रोग कारण : Piles Cause in hindi

बवासीर रोग का सबसे प्रमुख कारण कब्ज है. अनियमित खान-पान, एक ही स्थान पर बैठ कर लगातार काम करना, लीवर के कमजोर हो जाने के कारण, मदिरा पान करने के कारण या फिर गरिष्ठ पदार्थ जैसे भोजन में अत्यधिक मात्रा में मिर्च मसाले का प्रयोग होने के कारण Piles रोग होने की संभावना सबसे अधिक बढ़ जाती है.

बवासीर रोग के लक्षण : Symptoms of Piles in hindi

Piles treatment at home in hindi
Piles treatment at home in hindi

बवासीर का रोग प्रायः युवावस्था में होता है. शुरू में मल त्याग के समय पीड़ा व जलन होती है जो कुछ देर तक बनी रहती है. कई बार मल के साथ रक्त भी आता है जिसे खूनी बवासीर भी कहते है. बवासीर के रोगी में सामान्यतः सर दर्द, मन्दाग्नि, अरुचि, खून की कमी, कमजोरी, सुस्ती, चेहरे का फीकापन, चिंता, क्रोध, आलस्य आदि लक्षण पाए जाते है. मल कभी बंधा हुआ, कभी पतला, कभी सूखा व कभी कभी आंव युक्त आता है. पेट में ऐठन व गुदा के पास खुजली भी हो सकती है. Piles पुराना होने पर या अधिक कष्टप्रद होने पर उपद्रव स्वरुप खांसी, बुखार चक्कर, एवं जोड़ों का दर्द जैसे घुटना का दर्द इत्यादि जैसे लक्षण भी प्रकट होने लगते है.

बवासीर में परहेज : Avoiding piles In Hindi

ऐसे आहार जो कब्ज कारक हो और पेट में गैस बनाते हो. उनका सेवन नहीं करना चाहिए. जिनमे मिष्ठान, चाय, काफी, तली भुनी चीजे, मादक द्रव्य, बीड़ी-सिगरेट, मिर्च मसाला, खटाई, उड़द, गोभी, मांस इत्यादि सेवन कटाई नहीं करना चाहिए साथ ही मल मूत्र अदि के वेग को भी अधिक देर तक नहीं रोकना चाहिए.

बवासीर में आहार : Dietary piles

ऐसे पदार्थो का सेवन अधि से अधिक मात्रा में करना चाहिए जो सुपाच्य अर्थात जल्दी पच जाने वाला भोजन करना चाहिए. जैसे पपीता, जौ, गेहूं, मट्ठा, करेला, बथुआ, परवल, आंवलाकाला नमक, गाय का दूध, मूंग दाल की खिचड़ी, कच्चा नारियल, पालक, गाजर, चुकंदर मूली, जिमीकंद इत्यादि भोज्य पदार्थो का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए और पानी अधिक से अधिक मात्रा में पीना चाहिए.

बवासीर का घरेलु उपचार : Piles Treatment at home in hindi 

बवासीर का इलाज करने के लिए सबसे पहले तो आहार नियमों का पालन करे क्या खाना है और क्या परहेज करना है. यदि अआप परहेज करेंगे तो यह रोग और भी तेजी से ख़तम हो जायेगा. इस लिए सबसे पहले आहार नियमों का पालन करे.

  • बवासीर चाहे जैसा भी हो भोजन के साथ मूली का सेवन जरूर करे. संभव हो तो मूली का रस सूबह या शाम को पिए. इससे पेट की जठराग्नि मजबूत होती है.
  • बवासीर रोगी को रोज मट्ठे का सेवन करना चाहिए इससे पेट के जीर्ण रोग नष्ट हो जाते है और डाईजेशन मजबूत बनता है.
  • कालीमिर्च और जीरा को सामान मात्र में पीस ले और 1-1 ग्राम के अनुपात में सुबह शाम शहद के साथ ले बवासीर रोग जड़ से ख़तम हो जाता है.
  • सुबह खाली पेट निम्बोली के पञ्च बीज मिश्री के साथ एक माह तक खाने से piles रोग ख़तम हो जाता है.
  • शाम को सोने से पूर्व 1 गिलास पानी गुगुना कर ले और कालानमक के साथ पिए. इस प्रयोग को नित्य करने से कब्ज ढीला पड़ता है और पेट की सारी गन्दगी धीरे धीरे मल के साथ बाहर निकल जाता है और बवासीर रोग धीरे धीरे ख़तम हो जाता है.

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार : Piles Treatment in Ayurveda

10 ग्राम त्रिफला चूर्ण में 10 ग्राम पंचसकार चूर्ण मिला ले और 2-2 ग्राम की 10 पुड़िया बना ले. इस तैयार चूर्ण को रोज रात में गुनगुने पानी के पिए. और 40 ग्राम त्रिफला चूर्ण में, 5 ग्राम काला जीरा, 5 ग्राम काला नमक, 5 ग्राम  पिसी धनिया और 10 ग्राम शोधित फिटकरी मिला ले और इसकी भी 2-2 ग्राम की पुड़िया बना ले और दिन में तीन बार मट्ठे के साथ सेवन करे. बवासीर खुनी हो बादी ये दवा दोनों ही प्रकार ही Piles में राम बाण काम करता है. इस प्रयोग को नित्य करने से बवासीर रोग मात्र दो हफ्ते में ही ख़तम हो जाएगा.

बवासीर के मस्सों के लिए दवा

50 ग्राम अंडी के तेल को गुनगुना कर ले उसके बाद इस तेल के ठंडा हो जाने के बाद इसमें 10 ग्राम की मात्रा में कपूर और 5  ग्राम फिटकरी मिला ले. इस तैयार तेल से मस्सों की हलके हलके मालिश करे इससे मस्सों की खुजली और जलन कम हो जाती है और धीरे धीरे मस्से सूख जाते है.

बवासीर की दवा बाबा रामदेव मेडिसिन :

बवासीर व बवासीर के मस्सों के इलाज के लिए यदि आप बाबा रामदेव की मेडिसिन प्रयोग करना चाहते है तो आप पतंजलि स्टोर से दिव्य अर्श कल्प वटी ले सकते है जिसकी १-2 गोली दिन में दो बार मट्ठे के साथ पिए . बवासीर रोग में आराम मिलेगा.

यदि आप या आपका कोई मित्र बवासीर रोग से ग्रस्त तो आप उसे इस health tips में बताई गयी बवासीर का इलाज को शेयर कर सकते है. इस  Piles treatment at home in hindi के प्रयोगों को करते समय आपको यदि किसी भी प्रकार की कोई भी दिक्कत आती है तो किसी अनुभवी वैध से संपर्क कर सकते है या फिर हमसे अपनी परेशानी शेयर करे. आपकी समस्या को पूर्ण निदान होगा.

 

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